Tuesday, March 11, 2025

 

निःशुल्क कानूनी सहायता


सवाल - निःशुल्क कानूनी सहायता क्या है ?

विधिक सेवाएँ प्राधिकरण अधिनियम,1987 के अंतर्गत सभी प्रकार के दीवानी और फौजदारी मुकदमों के लिए दी जाने वाली सलाह एवं सहायता निःशुल्क कानूनी सहायता कहलाती है।

 

सवाल - क्या मैं भी कानूनी सलाह एवं सहायता प्राप्त कर सकता/सकती हू ?

कानूनी सलाह सभी स्तर के व्यक्ति प्राप्त कर सकतें हैं और दिल्ली विधिक सेवाएँं प्राधिकरण अधिनियम 2002 के अध्याय के नियम के अनुसार योग्य व्यक्ति ही मुफ्त कानूनी सहायता सेवाएं प्राप्त कर सकतें हैं

सवाल - कौन से व्यक्ति दिल्ली राज्य विधिक सेवाएँ प्राधिकरण से निःशुल्क कानूनी सहायता प्राप्त करने के अधिकारी हैं ?

दिल्ली विधिक सेवाएँ  प्राधिकरण अधिनियम 2002 के अध्याय के नियम के अनुसार निम्नलिखित योग्य व्यक्ति ही मुफ्त कानूनी सहायता सेवाएँ प्राप्त कर सकतें हैं –

1.    अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति का सदस्य।

2.    मानव व्यापार या बेगार का शिकार व्यक्ति।

3.    स्त्री या बालक।

4.    शारीरिक या मानसिक रुप से अस्वस्थ व्यक्ति।

5.    विनाशकारी प्राकृतिक आपदासाम्प्रदायिक दंगेजातीय अत्याचारबाढ़सूखाभूकंपया औद्योगिक संकट से प्रभावित व्यक्ति,औद्योगिक कर्मी।

6.    जेल या संरक्षण गृह या नारी निकेतन या मनोचिकित्सालय में अभिरक्षित (कस्टडी) व्यक्ति।

7.    प्रत्येक व्यक्ति जिसकी वार्षिक आय 3,00,000 रूसे कम है।

8.    किन्नर जिनकी वार्षिक आय 4,00,000 रूसे कम है।

9.    वरिष्ठ नागरिक जिनकी वार्षिक आय 4,00,000 रूसे कम है।

10.                   एसिड अटैक पीड़ित

11.                   एचआईवी एड्स से संक्रमित और प्रभावित व्यक्ति

 

सवाल - क्या महिला चाहे वह आर्थिक दृष्टि से सम्पन्न हैमुफ्त कानूनी सहायता की अधिकारी है ?

हॉमहिला चाहे वह आर्थिक दृष्टि से सम्पन्न है या नहीमुफ्त कानूनी सहायता की अधिकारी है।

 

सवाल - मुफ्त कानूनी सलाह कहॉ से एवं कौन से व्यक्ति प्राप्त कर सकतें है ?

मुफ्त कानूनी सलाह उच्च न्यायालय विधिक सेवाएँ समिति एवं सभी जिला न्यायालय परिसरों में स्थित जिला विधिक सेवाएँ प्राधिकरण से अधिनियम के अनुरूप सभी व्यक्ति प्राप्त कर सकतें हैं।

 

सवाल - क्या इन प्राधिकरणों के अतिरिक्त किसी और स्थान से भी कानूनी सहायता प्राप्त की जा सकती है ?

हॉइन प्राधिकरणों के अतिरिक्त लीगल एड क्लीनिकों से भी कानूनी सहायता एवं सलाह प्राप्त की जा सकती है ।

 

सवाल - क्या कानूनी सलाह टेलीफोन पर भी उपलब्ध है ?

हॉकानूनी सलाह (24×7) टोल फ्री हेल्पलाइन न. 1516 पर भी प्राप्त कर सकते हैं।

 

सवाल - क्या प्राधिकरण से प्राप्त वकील को मुझे फीस अदा करनी होगी ?

यदि आप मुफ्त कानूनी सहायता प्राप्त करने के अधिकारी हैं तो प्राधिकरण से प्राप्त वकील को आपको कोई फीस नहीं अदा करनी होगी।

 

सवाल - कोर्ट फीसप्रोसेस फीस और टाइपिंग शुल्क की अदायगी किसके द्वारा की जाएगी ?

कोर्ट फीसप्रोसेस फीस और टाइपिंग शुल्क की अदायगी प्राधिकरण के द्वारा की जाएगी। यह सारा व्यय सरकार के द्वारा किया जाता है।

 

सवाल - क्या प्राधिकरण से प्राप्त वकील से शिकायत होने पर उसकी शिकायत की जा सकती है यदि हाँ तो कहाँ ?

प्राधिकरण से प्राप्त वकील से शिकायत होने पर उसकी शिकायत संबंधित जिला विधिक सेवाएँ प्राधिकरण में की जा सकती है।

 

सवाल - कानूनी सहायता प्राप्त करने के लिए दिए गए प्रार्थना-पत्र के मूल्यांकन की प्रक्रिया क्या है ?

जांच एवं मूल्यांकन समिति कानूनी सहायता प्राप्त करने के लिए दिए गए प्रार्थना-पत्र का मूल्यांकन करती है और नालसा (मुफ्त एवं सक्षम विधिक सेवाएँ) के अधिनियम 2010 के अधिनियम न. के अंतर्गत यह भी निर्णय करती है कि क्या प्रार्थीं कानूनी सहायता प्राप्त करने के योग्य भी है या नहीं।

 

सवाल - क्या कानूनी सेवाएँ न मिलने की स्थिति में अपील दायर की जा सकती हैयदि हाँतो अपील कहाँ दायर की जा सकती है ?

हॉकानूनी सेवाएँ न मिलने की स्थिति में अपील प्राधिकरण/समिति के अध्यक्ष अथवा राज्य विधिक सेवाएँ प्राधिकरण के माननीय कार्यकारी अध्यक्ष के समक्ष दायर की जा सकती है और अध्यक्ष का निर्णय अंतिम होगा।

 

सवाल - क्या कानूनी सेवाएँ वापिस ली जा सकती हैं ?

कानूनी सेवाएं निम्नलिखित स्थितियों में वापिस ली जा सकती हैं-

 

सवाल - मुफ्त कानूनी सहायता किस स्तर तक प्राप्त की जा सकती है ?

लंबित केस के किसी भी स्तर पर कानूनी सहायता प्रदान की जा सकती है। इसके अतिरिक्त मुफ्त कानूनी सहायता के लिए योग्य व्यक्तियों को मुकदमें से पूर्व भी कानूनी सहायता प्राप्त हो सकती है।

 

सवाल - निरक्षर व्यक्ति के लिए कानूनी सहायता प्राप्त करने की क्या प्रक्रिया है ?

यदि प्रार्थी निरक्षर है या लिखने की स्थिति में नहीं है तो विधिक सेवाएं प्राधिकरण/समिति का सचिव अथवा अन्य कोई अधिकारी उसके मौखिक बयान को रिकार्ड करेगा और उस रिकार्ड पर उसके अंगूठे का निशान/हस्ताक्षर लेगा और उस रिकार्ड को उसके प्रार्थना-पत्र के समान ही समझा जाएगा।

 

सवाल - क्या किन्नर भी मुफ्त कानूनी सहायता प्राप्त करने के अधिकारी है ?

हाँवे किन्नर जिनकी सालाना आय लाख रू. से कम हैंमुफ्त कानूनी सहायता प्राप्त करने के अधिकारी है।

 

सवाल - क्या विधिक सेवा अधिवक्ताओं की सेवाएँ अन्य अधिकरणों में भी प्राप्त हो सकती हैं?

हॉदिल्ली राज्य विधिक सेवाएं प्राधिकरण के अधिवक्ताओं की विधिक सेवाएँ निम्नलिखित फोरम/अधिकरणों में भी प्राप्त होती हैं-
· केन्द्रीय प्रशासनिक अधिकरण
· सैन्य बल अधिकरण
· राष्ट्रीय उपभोक्ता शिकायत निवारण अधिकरण
· राज्य उपभोक्ता शिकायत निवारण अधिकरण
· ऋण वसूली अधिकरण
· दिल्ली स्कूल अधिकरण
· राष्ट्रीय हरित अधिकरण
· कंपनी लॉ बोर्ड
· छावनी बोर्ड
· इनकम टैक्स अपीली अधिकरण

 

सवाल - दिल्ली राज्य विधिक सेवाएं प्राधिकरण से संबंधित सूचना कहॉ से प्राप्त कर सकतें है?

दिल्ली राज्य विधिक सेवाएँ प्राधिकरण से संबंधित सूचना हमारी वेबसाइट www.dslsa.org से प्राप्त कर सकते हैं।

 

सवाल - क्या जेल में बंद कैदियों को भी कानूनी सहायता प्रदान की जाती है ?

हॉजेल में बंद कैदियों को कानूनी सहायता जेल में स्थित लीगल सर्विसिज क्लीनिक में कानूनी सहायता अधिवक्ता के माध्यम से प्रदान की जाती है।

 

सवाल - क्या न्यायालय के समक्ष पहली बार प्रस्तुत होने वाले कैदी को कानूनी सहायता प्रदान की जाती है ?

हाँन्यायालय के समक्ष पहली बार प्रस्तुत होने वाले कैदी की ओर से कोई वकील न होने की स्थिति में न्यायालय के द्वारा प्राधिकरण की ओर से उस न्यायालय में नियुक्त रिमांड एडवोकेट प्रतिदिन (जिसमें छुट्टी के दिन भी सम्मिलित हैं)प्रदान किया जाता है।

 

सवाल - क्या बच्चों और किशोरों के लिए प्राधिकरण की ओर से अधिवक्ता नियुक्त किए जाते हैं?

हाँसभी बाल कल्याण समितियोंकिशोर न्याय बोर्ड एवं ऑल इंडिया लीगल एड सेल ऑन चाइल्ड राइटस में भी प्राधिकरण की ओर से अधिवक्ता नियुक्त किए गए है।

लोक अदालत में ट्रैफिक चालान को भुगतान


1) दिल्ली में अगली लोक अदालत 2025 की तारीख क्या है?

जबाब - दिल्ली में अगली लोक अदालत 10 मई 2025 को आयोजित की जाएगी।

 

2) दिल्ली में लोक अदालत में ट्रैफिक चालान का भुगतान कैसे   किया जा सकता है?

जबाब - दिल्ली में लोक अदालत में ट्रैफिक चालान को भुगतान करने के लिए एक टोकन की आवश्यकता होती है, टोकन ऑनलाइन निकलता है।

 

3) दिल्ली में लोक अदालत में टोकन ट्रैफिक चालान को भुगतान के लिए टोकन कब निकलता है?

जबाब - टोकन लोक अदालत से 7-8 दिन पहले निकलता है, लोक अदालत लगने से पहले टोकन निकलने का नोटिफिकेशन जारी होता है, जिसमे टोकन निकालने की तारीख की जानकारी होती है। अभी नोटिफिकेशन जारी नहीं हुवा है।  

 

4) दिल्ली लोक अदालत में एक गाड़ी के अधिकतम कितने चालान का भुगतान किया जा सकता है ?

जबाब - अधिकतम 5 चालान का भुगतान किया जा सकता है एक गाड़ी का

 

5) बिना टोकन के दिल्ली लोक अदालत में ट्रैफिक चालान का भुगतान किया जा सकता है ?

जबाब - दिल्ली लोक अदालत में ट्रैफिक चालान के भुगतान के लिए टोकन अनिवार्य है। 

 

6) क्या हम अपना टोकन किसी और गाड़ी / चालान  के लिए स्तेमाल कर सकते है ?

 जबाब - जी बिलकुल नहीं

 

7) क्या पुरे देश में लोक अदालत में ट्रैफिक चालान के भुगतान के लिए टोकन की आवश्यकता होती है ?

जबाब - जी नहीं , टोकन सिर्फ दिल्ली ट्रैफिक चालान के लिए होता है।  


8) लोक अदालत में ट्रैफिक चालान का अमाउंट  कितना % कम हो जाता है ?

जबाब - इसका कोई पैमाना नहीं है , यह चालान के कैटेगरी पर और जज साहब के ऊपर निर्भर करता है।  


9) लोक अदालत में ट्रैफिक चालान को सेटल करने के लिए गाड़ी के मालिक को कोर्ट में जाना जरूरी है?

जबाब - जी नहीं , आप अपने वकील के माध्यम से अपने चालान का भुगतान करा सकते है।

 

  10) क्या "नेशनल लोक अदालतकही का भी चलान किसी भी कोर्ट में सेटल किया जा  सकता है ?

जबाब : जी नहींजहाँ पे चालान कटा है उसी जगह की कोर्ट में चलान सेटल होगा ?

 

11) मेरी गाड़ी दिल्ली में रजिस्टर्ड है लेकिन मेरा चलान दूसरे राज्य में कटा है तो क्या मै  दिल्ली में चलान सेटल करा सकता हूँ ?

जबाब : जी नहींजहाँ पे चालान कटा है उसी जगह की कोर्ट में चलान सेटल होगा ?

 

12) मेरे पास दिल्ली का आधार कार्ड है लेकिन मेरा चलान दूसरे राज्य में कटा है तो क्या मै  दिल्ली में चलान सेटल करा सकता हूँ ?

जबाब : जी नहींजहाँ पे चालान कटा है उसी जगह की कोर्ट में चलान सेटल होगा ?

 

13) मेरी गाड़ी दूसरे राज्य में रजिस्टर्ड लेकिन मेरा चलान दिल्ली में कटा है तो मेरा चलान कहा सेटल होगा ?

जबाब : दिल्ली में चलान कटा है तो लोक अदालत में दिल्ली के किसी भी कोर्ट में चलान सेटल करा सकते है। 

 

14) मेरा चालान ग़ज़िआबाद कटा है तो मै अपना चलान उत्तर प्रदेश की किसी भी कोर्ट में सेटल करा सकता हूँ?

जबाब : जी नहींजिस जिले में चलान कटा होता है उसी जिले में चलान सेटल होता है सिर्फ दिल्ली में ऐसा होता है कि दिल्ली में कही का भी चलान कटा है तो उसे लोक अदालत में दिल्ली के किसी भी कोर्ट में चलान सेटल करा सकते है। 

 

15) क्या लोक अदालत में भाग लेने के लिए सभी को टोकन की जरुरत होती है ?

जबाब : जी नहींसिर्फ दिल्ली में ट्रैफिक चलान को लोक अदालत में सेटल करने के लिए टोकन की आवश्यकता होती है बाकी राज्यों में टोकन की आवश्यकता नहीं होती है।

 

16) क्या बिना टोकन के दिल्ली में लोक अदालत में ट्रैफिक चलान का सेटलमेंट नहीं हो  सकता है 

जबाब : जी नहींदिल्ली में ट्रैफिक चलान को लोक अदालत में सेटल करने के लिए टोकन की आवश्यकता होती है बिना टोकन के दिल्ली में  लोक अदालत में चलान सेटल नहीं होगा।  

17) टोकन कब मिलता है ?  

  जबाब : टोकन लोक अदालत से 7-8 दिन पहले निकलता है जिसका नोटिफिकेशन जारी  होता है उससे टोकन की तारिख का पता चलता है। 

 

18) टोकन का नोटिफिकेशन कहाँ से पता चलेगा ?

जबाब : लोक अदालत टोकन का नोटिफिकेशन न्यूज़ पेपर और DLSA की वेबसाइट पे मिलता है आपको हमारे यूट्यूब चैनल पे नोटिफिकेशन की जानकारी आते ही वीडियो मिल जायेगा। 

 

19)  क्या सभी को टोकन मिल जाता है ?

जबाब : जी नहीं टोकन सभी को नहीं मिलता है टोकन पहले आओ पहले पाओ के हिसाब  से मिलता है।

 

20)  जिनको टोकन नहीं मिला उनके चलान दिल्ली लोक अदालत में कैसे सेटल होगा 

जबाब : जिनको टोकन नहीं मिला वे अगले लोक अदालत में टोकन निकलने का इंतजार करे। 

 

21: दिल्ली लोक अदालत में बिना टोकन के अगर जाकर जज साहब से निवेदन करे तो चलान सेटल हो जायेगा ?

  जबाब : जी नहीं टोकन की बिना चलान सेटल नहीं होगा दिल्ली लोक अदालत में। 

 

 22) दिल्ली लोक अदालत में टोकन की कोई फीस है ?

जबाब : जी नहीं टोकन की कोई फीस नहीं है लेकिन जो टोकन निकालता है वह अपने  प्रोफेसनल चार्ज लेगासब के चार्जेज अलग - अलग हो सकते है। 

 

23) टोकन के लिए हम किससे मदद ले सकते है ?

जबाब : टोकन निकलने या चलान सेटलमेट के लिए हमारी टीम से व्हाट्सप्प नंबर  9971505611 पे मदद ले सकते है सामान्य चार्ज पे करना होगा। 


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